नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- अश्विन मास का आखिरी दिन है शरद पूर्णिमा। दशहरा के बाद यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णुऔर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु धरती पर भ्रमण के लिए आते हैं। इस दिन के बाद से कार्तिक मास लग जाता है, जिसमें दिवाली, धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को है। ग्रह नक्षत्रों की बात करें तो इस साल 6 अक्टूबर को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा, वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग भी इस दिन मिल रहा है, दो इस पर्व को दोगुना शुभ बना रहा है। कुछ लोग इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करते हैं। इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। कब रखा जाएगा शरद पूर्णिमा का व्रत इस साल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 02 मिनट से होग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.