नई दिल्ली, फरवरी 4 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना की जाताी है। मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत प्रत्येक शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है। इस दिन सूर्यास्त और रात्रि का जो संधिकाल होता है वह प्रदोष काल होता है। इसमें व्रत की विशेष पूजा की जाती है। शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत शनि प्रदोष व्रत कहलाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। चलिए जानते हैं कि साल 2026 का पहला शनि प्रदोष व्रत कब है और इस दिन पूजा की सही विधि क्या है? इस साल शनि प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026 को पड़ रहा है। पंचांग के मुताबिक फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 14 फरवरी, शनिवार के दिन शाम को 4 बजकर 2 मिनट पर होगा। जबकि अगले दिन यानी 15 फरवरी, रविवार को शाम के ...
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