नई दिल्ली, मई 26 -- Shani Jayanti : हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन को शनि जयंती के नाम से जाना जाता है। इस पावन दिन शनि देव की पूजा- अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव न्याय के देवता हैं और सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलते हैं। इस साल 27 जून को शनि जयंती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव कर्म फल दाता हैं। शनि देव कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। शनि जयंती के दिन शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति के लिए शनि देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। शनि के अशुभ होने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समय मीन, कुंभ, मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती और सिंह, धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि की ...
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