रुपाली चतुर्वेदी, नवम्बर 20 -- भारत में 25 फीसदी से ज्यादा छात्र आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा का सपना पूरा नहीं कर पाते हैं। फीस की बड़ी राशि और सीमित संसाधन उनकी पढ़ाई के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार बन जाते हैं। यह सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि देश के लिए युवा प्रतिभा को विकसित करने की चुनौती भी है। इस चुनौती को कैसे पार किया जाए? शिक्षा मंत्रालय की एआईएसएचई 2021-22 रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 4.33 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा का विकल्प अपनाया है। हालांकि, यह केवल योग्य आबादी का 27 फीसदी हिस्सा है। यानी उच्च शिक्षा की इच्छुक और योग्य युवा आबादी का बड़ा हिस्सा कॉलेज या यूनिवर्सिटी तक पहुंच ही नहीं पाता। सीईएसएस के अध्ययन के अनुसार, लगभग 36 फीसदी युवा स्कूल पूरा हाेने के बाद उच्च शिक्षा नहीं ले पाते हैं। समस्या केवल अवसरों की कमी से नही...
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