नई दिल्ली, जनवरी 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जांच कमेटी बनाने की मंजूरी देने में प्रक्रियागत खामियों का आरोप लगाया है। दो दिनों की सुनवाई के बाद जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने गुरुवार (8 जनवरी) को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, बेंच ने जस्टिस वर्मा को पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने से मना कर दिया है। उन्हें 12 जनवरी को संसदीय समिति के सामने जवाब देना है। इस याचिका में जस्टिस वर्मा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई पार्लियामेंट्री कमेटी की वैधता को चुन...