नई दिल्ली, फरवरी 2 -- प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संग में जीवन से जुड़ी कई बातें साझा करते हैं। आध्यात्म से जोड़ने के साथ-साथ उनके प्रवचन गृहस्थ जीवन, रिश्ते और रोजमर्रा से जुड़ी कई प्रश्नों को हल कर देते हैं, जो आमतौर पर लोगों को काफी परेशान करते हैं। प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार कोई भी बदलाव सबसे पहले स्वयं से शुरू होता है। चीजों से बहुत अधिक जुड़ाव रखना, गुस्सा, घृणा, जलन कहीं ना कहीं ये सभी इमोशन ही सारे दुख की जड़ हैं। इन्हें खत्म करना एकदम से मुमकिन ना हो लेकिन आप इन्हें बेहतर ढंग से कंट्रोल जरूर कर सकते हैं। उन्होंने जीवन को बेहतर तरीके से समझने और जीने के कुछ सूत्र साझा किए हैं, जो यदि अपना लिए जाएं तो लाइफ बहुत हद तक आसान और सुलझी हुई हो सकती है।1) भविष्य के बारे में सोचना है दुख की जड़ प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि लोग ज्यादा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.