नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। इसका कई पुराणों में जिक्र है। पद्मपुराण में कहा गया है कि यह सब पापोंको हरने वाली उत्तम तिथि हैं। समस्त कामनाओं और सिद्धियों के दाता भगवान् नारायण इस तिथि के अधिदेवता हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो इस एकादशी का व्रत करता है, उसके वंश में निरंतर वृद्धि होती है।इस महीने में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। वहीं साथ ही संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखा जाता है। इस साल पुत्रदा एकादशी पर कई दुर्लभ और मंगलकारी संयोग बन रहे हैं।साल में आती हैं, दो पुत्रदा एकादशी, जनवरी में आएगी षटतिला एकादशी आपको बता दें कि साल में दो पुत्रदा एकादशी आती है, एक सावन के महीने में और एक पौष मास में दोनों का अपना महत्व है, इसलिए दोनों एकादशी का व्रत करना चाहिए।...
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