नई दिल्ली, जनवरी 14 -- Premanand Majaraj Pravachan: कई बार ऐसा लगता है ना कि हमारे मन पर हमारा काबू ही नहीं है। ऐसा आम तौर पर कई लोगों के साथ होता है। ऐसे में हम सोचने लगते हैं कि हमारे मन पर आखिर किसका कंट्रोल है? वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में इसी बारे में बात की है। उन्होंने एकांतित वार्तालाप के दौरान बताया है कि आखिर हमारे मन को कौन कंट्रोल में लिए हुए हैं। एक श्रद्धालु के पूछे जाने पर प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब बहुत ही आसानी से दिया। नीचे जानें उनका जवाब... प्रेमानंद महाराज ने कहा कि शरीर एक रथ है। इंन्द्रियां इसके घोड़े हैं। मन घोड़ों की लगाम है और बुद्धी सारथी है। आत्मा इसमें विराजमान रथी है। सही से समझिए कि हमारा शरीर एक रथ है। इंन्द्रियां घोड़े हैं। घोड़ों की लगाम मन है और मनरूपी लगाम बुद्धिरूपी ...
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