नई दिल्ली, फरवरी 2 -- मस्तिष्क रेखा का कोई निकलने का स्थान नहीं है। यह कईबार जीवन की रेखा से निकलकर जीवन रेखा को ही काटती हुई हथेली के दूसरी ओर जाती है। कई बार यह रेखा जीवन रेखा के पास से निकल कर हथेली के बीच में ही खत्म हो जाती है। कई बार यह जीवन रेखा के बराबर चलती हुई काफी आगे चलकर यह अपना रास्ता बदल लेती है। कई बार यह जीवन रेखा के पास से चलकर हथेली को दो भागों में बांटती हुई दूसरे छोर पर पहुंच जाती है। अगर आपकी मस्तिष्क रेखा से कोई पतली रेखा गुरु पर्वत की ओर जा रही हो, तो वह व्यक्ति प्लानिंग से काम करने वाला और बुद्धिमान होता है। अगर आपके हाथ में मस्तिष्क रेखा सीधी, स्पष्ट, और निर्दोष हो तो वह व्यक्ति तुरन्त फैसले करने वाला और एक्टिव माइंड वाला शख्स होता है। अगर मस्तिष्क रेखा तथा लाइफलाइन दो अलग-अलग जगह से आ रही हो तो व्यक्ति अपने तरीक...
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