नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मध्य प्रदेश में सिविल जज के खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी। इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने MP हाईकोर्ट के उस फैसले को भी खारिज कर दिया जिसमें सिविल जज बनने के लिए तीन साल की वकालत के अनुभव को अनिवार्य बताते हुए सिविल जज के पदों पर भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। अदालत ने इस रोक को हाईकोर्ट द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने यह फैसला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दायर उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उन्होंने अपनी ही खंडपीठ के फैसले को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा, 'उ...
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