मेरठ, अक्टूबर 8 -- करवाचौथ का व्रत सुहागिनों के लिए परम सौभाग्य देने वाला है। करवाचौथ व्रत में शिव परिवार और चतुर्थी स्वरूप करवा का पूजन किया जाता है। व्रत में विशेष रूप से भगवान श्रीगणेश का पूजन होता है और उन्हें साक्षी रखकर व्रत आरंभ किया जाता है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु, सफलता व वैवाहिक जीवन के लिए मंगल कामना करती हैं। करवाचौथ व्रत के दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृष में रहेंगे जो अपने आपमें शुभ संयोग है। करवाचौथ व्रत के दिन शाम 5:30 बजे से सौभाग्यदायक रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा, जिससे चंद्रोदय के बाद चंद्रमा का दर्शन कर व्रत पारायण करते समय रोहिणी नक्षत्र और उच्च राशि के चंद्रमा का अद्भुद शुभ संयोग चल रहा होगा, जिससे व्रती सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होगी। यह भी पढ़ें- करवा चौथ पर ब...
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