रांची, जनवरी 22 -- झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के परिणाम रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य परीक्षा के सभी सफल 342 अभ्यर्थियों को दो सप्ताह में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने बुधवार को अयूब तिर्की और अन्य की अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। इस मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष ने अदालत को बताया कि झारखंड लोक सेवा आयोग का नियम है कि 10 वर्ष और 5 वर्ष के अनुभवी शिक्षक ही कॉफी का मूल्यांकन करेंगे। लेकिन, अपने ही बनाए गए नियम की अनदेखी आयोग ने की है और महज एक-डेढ़ साल से शैक्षणिक कार्य कर रहे घंटी आधारित टीचरों से कॉपी का मूल्यांकन कराया गया है, जो कि गलत है। उन्होंने कोर्ट से मुख्य परी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.