नई दिल्ली, फरवरी 16 -- देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं रह गई है, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए रणनीति, धैर्य और लगातार सुधार का खेल बन चुकी है। पिछले वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि दो बार परीक्षा देने की सुविधा ने अभ्यर्थियों के सोचने का तरीका ही बदल दिया। अब छात्र एक ही मौके पर सब कुछ दांव पर लगाने के बजाय पहले चरण से सीखते हैं, अपनी गलतियों को सुधारते हैं और दूसरे चरण में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। National Testing Agency द्वारा जारी वर्ष 2025 के आधिकारिक आंकड़ों ने इस बदलते रुझान को साफ दिखाया। जनवरी चरण में 12,58,136 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। अप्रैल चरण में 9,92,350 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 7,75,383 ऐसे थे जिन्होंने दोनों चरणों में बैठकर अपने अंक सुधारने की कोशि...