नई दिल्ली, अगस्त 12 -- काशी के पंचांग के अनुसार 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी उदय काल में मिल रही है, जो रात तक रह रही है। इसलिए 16 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना उत्तम रहेगा। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी को हुआ था, इसलिए अष्टमी तिथि की रात्रि में 16 अगस्त को ही मिल रही है। इस साल भी वैसा ही संयोग मिल रहा है। बस रोहिणी नक्षत्र अगले दिन लगेगा । कृष्ण जन्माष्टमी कैसे करें पूजाजन्माष्टमी पर ठाकुरजी का दूध, दही, घी, शहद, इत्र और गंगा जल से स्नान कराएं। इसके बाद ठाकुरजी को पीले वस्त्र पहनाए , उनके आभूषण पहनाएं। माखन मिश्री का भोग लगाएं और बांसुरी उनके हाथ में रखें। इसके बाद उन्हें झूला झुलाएं। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि का अद्भुत योग ...
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