अहमदाबाद, सितम्बर 30 -- रोहित शर्मा के युग में घरेलू टेस्ट मैचों के लिए स्पिनरों की मददगार पिच तैयार करना 'सही रणनीति' थी, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल सहित मौजूदा टीम प्रबंधन स्पिनरों की मददगार पिचों पर खेलने के आजमाए हुए नुस्खे को बरकरार रखेगा। भारतीय टेस्ट टीम का यह परिवर्तन काल इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ। अब टीम प्रबंधन के पास घरेलू मैदानों की पिचों की प्रकृति को लेकर फैसला करने का भारी दबाव होगा। टीम घरेलू सरजमीं पर स्पिनरों की मददगार पिचों में न्यूजीलैंड से करारी शिकस्त झेल चुकी है जबकि तेज गेंदबाजों की मददगार इंग्लैंड की परिस्थितियों में युवा बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज की टीम इस प्रारूप में ज्यादा मजबूत नहीं है, ऐसे में इस सवाल का तुरंत जवाब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.