लखीमपुर, जुलाई 12 -- जो काम सरकारी महकमा न कर पाया, उसे किसानों ने पूरा कर दिखाया। शारदा नदी की तेज धार से कट रही रेलवे लाइन को बचाने में 47 गांवों के 2200 से ज्यादा किसान जुट गए। 12 दिन तक लगातार कारसेवा की। बदले में सरकार से एक भी पैसा नहीं मांगा। लंगर चलाकर पेट भरा और नदी की धार रोकने में कामयाबी पाई। किसानों की इस मेहनत ने फिलहाल रेल ट्रैक और कई गांवों की तबाही रोक दी है। इन किसानों की हिम्मत और जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं। बीते कई वर्षों से बाढ़ त्रासदी झेल रहे किसानों ने प्रशासन से राहत मिलते न देख स्वयं की मेहनत से इस बार नदी की धार रोक दी। लगभग दो हफ्ता पहले पलिया-भीरा रेल ट्रैक के बीच अतरिया के पास शारदा नदी की बाढ़ का पानी रेल लाइन के नीचे से रिसाव करने लगा था। अगर 48 घंटे तक यह रिसाव यूं ही जारी रहता तो मैलानी से बहराइच जाने वाल...
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