नई दिल्ली, अगस्त 1 -- भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तीज को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें 24 घंटे निर्जला रहा जाता है। इस व्रत में प्रदोष काल में विशेष पूजन होता है। हरतालिका तीज पर महिलाएं गोधूलि के समय सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव और संग में पार्वती माता का पूजन करती हैं। इस साल हलतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त को किया जाएगा।प्रदोष काल में होती है पूजा इस दिन शिवजी की पूजा प्रदोष काल में होती है। गोधूलि होते ही सोलह श्रृंगार कर पूजन स्थल को साफ किया जाता है। चौकी पर मिट्टी से बनी भगवान शिव, माता पार्वती और श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है। इसके बाद व्रती महिलाएं ने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.