नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा के आवेदन शुल्क में भारी बढ़ोतरी की है, जिससे वैश्विक प्रतिभा उद्योग में हलचल मच गई है। हालांकि, भारतीय आईटी कंपनियां पहले से ही स्थानीय अमेरिकी कर्मचारियों की भर्ती बढ़ाकर इस बदलाव के लिए तैयार हैं और उनका मानना है कि इसका उन पर केवल सीमित प्रभाव पड़ेगा।ट्रंप के फैसले ने मचाई हलचल, H-1B वीजा होल्डर्स में दहशत 21 सितंबर, 2025 की रात से, अमेरिका में नए H-1B वीजा के आवेदनों के लिए एक बड़ी रकम, $100,000 (लगभग 88 लाख रुपये) का भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। यह शुल्क पहले के शुल्क (आमतौर पर $2,000 से $5,000) से लगभग 60 गुना अधिक है। शुरुआत में इस घोषणा ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह नया शुल्क केवल नए आवेदनों पर लागू होगा। वर्तमा...
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