नई दिल्ली, अगस्त 25 -- भगवान गणेश की चतुर्थी इस साल 27 अगस्त को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान गणेश की घर में स्थापना की जाती है। अगर आप भी गणेश चतुर्थी पर पूजन कर रहे हैं, तो इन मंत्रों को रोज बोलें। इन मंत्रों में गणपति के अलग-अलग रूपों से अलग-अलग मनोकामना के लिए प्रार्थना की गई है। ये मंत्र गणपति के बहुत शक्तिशाली मंत्र हैं। आप भी जानें इन मंत्रों को1, एकदंताय विद्महे। वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दंती प्रचोदयात।। अर्थ - एक दंत वाले, वक्रतुण्ड यानी घुमावदार सूंड वाले हम आपका ध्यान करते हैं। वह दन्ती (गजानन) हमें प्रेरणा प्रदान करें। यह गणेश गायत्री मंत्र है, जो गणेश जी को समर्पित है। इस मंत्र को बोलने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 2- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ घुमावदार सूंड वाले जिनका वि...
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