नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- Parivartini ekadashi vrat paran timing: हिंदू धर्म में हर महीने दो एकादशी व्रत रखे जाते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी व्रत किया जाता है। विष्णु पुराण में इस व्रत की विस्तार से महत्ता वर्णित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और साधक सभी सुखों को भोगकर अंत में बैकुंठ धाम को जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करना उत्तम माना गया है। माना जाता है कि द्वादशी तिथि के भीतर एकादशी व्रत का पारण न करना पाप के समान होता है। इसके अलावा एकादशी व्रत पारण हमेशा सात्विक चीजों को खाकर ही करना चाहिए। जानें परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण क्या खाकर करना चा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.