रांची, फरवरी 10 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर में हुई कमीशनखोरी के बाद राशि की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीएस संजीव लाल, तत्कालीन मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके करीबियों की 86.61 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त कर लिया है। खास बात यह है कि कुल राशि में से 48.94 करोड़ रुपये की संपत्ति अकेले वीरेंद्र राम और उनके परिवार के सदस्यों की है। ईडी की एडजुकेटिंग ऑथोरिटी ने पूर्व में की गई अस्थायी जब्ती की कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे स्थायी करने का आदेश दे दिया है।भ्रष्टाचार छिपाने के लिए किया निवेश ईड की जांच में खुलासा हुआ है कि वीरेंद्र राम ने भ्रष्टाचार की कमाई को छिपाने के लिए दिल्ली जैसे शहरों में भारी निवेश किया था। कागजों ...