हेमलता कौशिक, दिसम्बर 16 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) की ओर से दाखिल एक अवमानना ​​याचिका पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि डीजीसीए ने एयरलाइनों को पायलट थकान प्रबंधन नियमों में विस्तार देते हुए छूट दी है। जस्टिस अमित शर्मा की पीठ ने डीजीसीए को नोटिस जारी किया है। पीठ ने डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियो को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल, 2026 को तय की है। याचिका में कहा गया है कि डीजीसीए ने एयरलाइन-विशिष्ट योजनाओं को मंजूरी देकर नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) मानदंडों को कमजोर कर दिया है जो पहले अदालत के सामने रखी गई समय सीमा और शर्तों का पूरी तरह से पालन नहीं करते हैं। हालांकि डीजीसीए के वकील...