नई दिल्ली, जुलाई 5 -- Devshayani Ekadashi Vrat Katha : आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। देवशयनी एकादशी से ही विष्णुजी 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान मुंडन संस्कार, शादी-विवाह,सगाई, गृह-प्रवेश समेत सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस साल 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। यह विशेष दिन श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना गया है। एकादशी व्रत के दिन व्रती को एकादशी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ करने से भगवान विष्णु की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। आगे पढ़ें देवशयनी एकादशी की व्रत कथा-देवशयनी एकादशी व्रत कथा देवशयनी एकादशी व्रत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.