मुख्य संवाददाता, फरवरी 5 -- उत्तर प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ा रहे परिषदीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के एक नवंबर के आदेश ने हजारों शिक्षकों की नींद उड़ा रखी है। दो दशक से अधिक समय तक बच्चों को पढ़ाने के बाद तमाम शिक्षक अब नौकरी बचाने के लिए दिन-रात पढ़ाई में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश में 23 जनवरी 2022 के बाद से टीईटी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सात और आठ फरवरी को होने जा रही सीटीईटी का फार्म भर दिया है क्योंकि यूपी में सीटीईटी भी मान्य है।अलग अलग कमरों में पढ़ाई कर रहे पिता और बच्चे खास बात यह है कि सीटीईटी की तैयारी कर रहे तमाम शिक्षकों के बच्चे स्वयं उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन दिनों इनके घरों का माहौल कुछ तरह का है कि बच्चे एक कमरे में बोर्ड, नीट व...