नई दिल्ली, जनवरी 6 -- माघ मास कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि बहुत खास है। इस दिन संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धिल के लिए माताएं व्रत रखती हैंं। ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी को समर्पित इस व्रत से परिवार में सब मंगल रहता है। इस व्रत में गणेश जी की खास पूजा होती है। इसके बाद शाम को गणेश जी को भोग लगाकर कथा करके चांद को अर्घ्य देते हैं। इस व्रत में देवरानी-जेठानी और गणेशजी की कथा पढ़ी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि तारों की छांव में पढ़ते हैं। इसके बाद चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। तिलकुट का इस व्रत में बहुत महत्व है। इसके बिना व्रत अधूरा है।इस व्रत को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ और वक्र-तुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि छह जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर सात जनवरी की सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। ...