श्वेता राकेश, दिसम्बर 15 -- डिजिटल मंचों ने भारतीय व्यवसायों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। यही वजह है कि भारत में डिजिटल मार्केटिंग एक बड़े उद्योग क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। विश्लेषण बताते हैं कि 2026 -2035 के बीच करीब 30 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ यह बाजार 8,45,000 करोड़ रुपये के मूल्य तक पहुंच सकता है। लगातार बढ़ती इंटरनेट की पहुंच, 5जी नेटवर्क और रिटेल-मीडिया नेटवर्क इस विस्तार को गति दे रहे हैं। बीते वित्त वर्ष में डिजिटल विज्ञापन पर भारत में लगभग 40,800 करोड़ रुपये खर्च किए गए। डिजिटल मार्केटिंग के व्यापक होते संसार का यह स्पष्ट संकेत है। अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचने के लिए कंपनियां अब सोशल मीडिया, सर्च इंजन और ई‑कॉमर्स के मंचों पर तेजी से सक्रिय हो रही हैं। एआई मार्केटिंग और एसईओ 2.0 जैसे नए स्किल उभर रहे है...