नई दिल्ली, जनवरी 27 -- Budget 2026: भारतीय शेयर मार्केट के लिए कभी सबसे बड़ा नीतिगत कारक रहा केंद्रीय बजट, हाल के वर्षों में लगातार एक गैर-घटना (नॉन-इवेंट) बनता जा रहा है। बजट दिवस पर बाजार की मामूली प्रतिक्रिया एक गहरी बदलाव को दर्शाती है। नीति निर्माण अब अधिक निरंतर, पूर्वानुमान और पहले से तय (फ्रंट-लोडेड) हो गया है। इससे निवेशक किसी एक भाषण पर रिएक्शन देने के बजाय, हफ्तों या महीने पहले से ही अपनी स्थिति तय कर लेते हैं।सरप्राइज का खत्म होना बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रमुख सुधारों, प्रोत्साहनों और क्षेत्र-विशेष के उपाय अब पूरे साल कैबिनेट निर्णयों, प्रेस विज्ञप्तियों, विशेष पैकेजों और जीएसटी परिषद के माध्यम से लागू किए जाते हैं। इससे बजट दिवस का 'सरप्राइज एलिमेंट' काफी हद तक खत्म हो गया है। इस अवसर के आसपास बाजार की अस्थिरता घटी है, ...