वरीय संवाददाता, सितम्बर 16 -- वर्ष 2023 में बिहार सरकार के कराए जाति आधारित जनगणना में बिहार में मुसलमानों की संख्या 2.30 करोड़ के करीब बताई गई। यानी कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 17.70 प्रतिशत पाई गई। लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी 10 फीसदी के पार भी नहीं हो पाई है। यह हाल दशकों से है। वर्ष 1985 का विधानसभा चुनाव अपवाद रहा, जिसमें इस बिरादरी की भागीदारी 10 फीसदी से अधिक रही। इस वर्ष 324 सीट पर हुए चुनाव में 34 मुसलमान विधायक बने। बिहार की राजनीति में मुस्लिम वर्ग का योगदान दरकिनार नहीं किया जा सकता है। करीब 50-70 सीटों पर मुस्लिम वोटर हमेशा से निर्णायक रहे हैं। यही वजह है कि मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए सभी पार्टियां तरह-तरह के वादे-भरोसे दिलाते हैं। लेकिन टिकट देने और सत्ता तक पहुंचाने में...
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