नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- देश में अगर कोई स्कूल टीचर बनना चाहता है तो या तो वह बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) करता है या फिर डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) करता है। डीएलएड को बीटीसी यानी बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट भी कहा जाता है। राजस्थान में इसे बीएसटीसी (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट) कहा जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक डीएलएड करने वाले ही देश में प्राइमरी टीचर बन सकते हैं। वे ही कक्षा 1-5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के पात्र हैं। बीएड करने वाले उम्मीदवार कक्षा 1-5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के योग्य नहीं है। बीएड करने वाले टीचर कक्षा 5 से ऊपर की कक्षाओं को ही पढ़ा सकते हैं। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीचर बनने के लिए ...
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