नई दिल्ली, अगस्त 19 -- भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। 'अजा शब्द का अर्थ है जो कभी जन्म न ले, अर्थात अविनाशी। इसी कारण इस व्रत का नाम अजा एकादशी पड़ा। क्योंकि यह साधक को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाने वाला व्रत माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार एकादशी की शुरुआत सोमवार को शाम 5:21 से शुरू होकर 19 अगस्त मंगलवार दोपहर 3:30 तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार अजा एकादशी का व्रत मंगलवार को रखा जाएगा। अजा एकादशी पर माता तुलसी की कृपा पाने के लिए एकादशी के दिन तुलसी पर 11, 21 या 51 दीपक जलाने चाहिए। इसके अलावा आप अपने घर के बाहर और पीपल के पेड़ के नीचे भी घी का दिया जलाएं। मान्यता...
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