नई दिल्ली, जुलाई 28 -- दुनिया में मां से बढ़कर शायद ही कोई प्रेम करना वाला मिलता हो। अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे से भी एक मां निस्वार्थ प्रेम का ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। मेघाणी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज पर जब विमान गिरा तो उसी इमारत में मनीष कच्छाडिया भी अपने 8 महीने के बच्चे धन्यांश के साथ मौजूद थीं। विमान के गिरते ही आग धधक उठी और चारों ओर धुआँ फैल गया। ऐसी स्थिति में भी मनीषा अपने बच्चे की ढाल बनी रहीं। खुद की परवाह किए बिना उन्होंने धन्यांश को ढककर रखा और किसी तरह बाहर निकाल लाईं। इस दौरान वह खुद भी बुरी तरह झुलस गई थीं। बता दें कि इस विमान हादसे में कम से कम 260 लोगों की जान चली गई थी।बच्चे के लिए उतरवा दी खाल मनीषा ने ध्यांश को अपनी खाल भी दी है। पिछले ही सप्ताह दोनों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। मनीषा के पति कपिल कछा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.