जहानाबाद, अगस्त 14 -- स्वतंत्रता आंदोलनकारी को छिपने के लिए गुप्ता ठिकाना था नगला का बंगला किंजर, एक संवाददाता किंजर उज्जैन पट्टी ग्राम निवासी बिहार पुलिस सेवा से सेवानिवृत अधिकारी के.पी. सिंह की उम्र 1947 में 19 वर्ष की थी, उन्हें अंग्रेजी हुकूमत की जुल्मों सितम पूरी तरह आज भी याद है। श्री सिंह अरवल उच्च विद्यालय में पढ़ाई करते थे उसी वक्त महान स्वतंत्रता सेनानी रामानंद तिवारी हजारीबाग जेल से भाग कर, अरवल के रास्ते मनेर पहुंचे थे। अरवल से किंजर के केपी सिंह, अर्जुन सिंह और परियारी के शत्रुघ्न शर्मा ने तिवारी जी की एस्कॉर्ट कर मनेर पहुंचा था, उसी दिन महात्मा गांधी पटना से जहानाबाद तीन बोगी वाली विशेष ट्रेन से आए थे और गांधी जी की सभा में उनके पास हम तीनों बैठे थे। महात्मा गांधी जी ने क्या-क्या भाषण दिए यह मुझे याद नहीं है। उन्होंने बतलाया ...
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