गंगापार, सितम्बर 15 -- कोरांव, हिन्दुस्तान संवाद। प्राथमिक विद्यालय में सत्र 2025-26 के लगभग छ माह बीतने को हैं लेकिन 95 प्रतिशत बच्चों के पैरों में जूते मोजे के स्थान पर प्लास्टिक के जूते, चप्पल या हवाई चप्पल है। कुछ बच्चों के पैरों में वह भी नहीं है। जूते मोजे के सम्बन्ध में कई अध्यापकों ने यह भी बताया कि बरसात का मौसम होने के कारण बच्चे जूते मोजे के स्थान पर चप्पल पहनना ही अधिकांश पसंद करते हैं। अगले कुछ दिनों में सर्दी के मौसम आ जाने के बाद अधिकतर बच्चों के पैरों में जूते मुझे दिखाई देंगे। इसी तरह वर्तमान समय में 30 प्रतिशत बच्चे बिना ड्रेस के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। अध्यापकों की माने तो इसके पीछे अभिभावकों की कमी है। इनके खाते में पैसा का डीबीटी किए जाने के बावजूद उस पैसे को अपने दूसरे कार्य में खर्च कर लिया जाना है। सोमवार को कोरांव...
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