मेरठ, फरवरी 22 -- हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत पर शनिवार को विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान में नित्य नियम पूजन किया गया। विधान के 14वें दिन सौधर्म इंद्र व भगवान का अभिषेक धनप्रकाश जैन,, राजीव जैन और शांतिधारा धर्म सिंह ने की। आरती का दीप अनाया जैन, कमलाबाई जैन ने प्रज्ज्वलित किया। मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि सुख दुख के मूल कारण पुण्य और पाप है। पाप और पुण्य दोनों का संबंध मनोविकार से होता है। यदि मनोविकार न हो तो फिर पुण्य और पाप का बंध कभी होगा ही नहीं। 85 परिवारों की ओर से भक्तामर विधान हुआ। सायंकाल में भगवान आदिनाथ की आरती की गई। तत्पश्चात पंच परमेष्ठी आरती हुई। रात्रि में मंदिर प्रांगण में गुरुकुल के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विधान में नरेंद्र जैन, राजेश, अर्चना, कृतिका, श्राविका, प...