मेरठ, फरवरी 19 -- हस्तिनापुर। विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ में नित्य नियम पूजन किया। विधान के ग्यारहवें दिन 84 परिवारों की ओर से भक्तामर विधान का आयोजन किया। बुधवार को भगवान का स्वर्ण कलश से अभिषेक अर्पित जैन व शांतिधारा चंद्र कुमार जैन ने की। आरती दीप अर्चना जैन,, अदिति जैन की। विधान के मध्य में मुनि भाव भूषण महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि संत एक किसान के समान होता है। जैसे किसान बीज बोने के बाद पानी व खाद देकर उस वृक्ष को सुरक्षित रखता है। उसी प्रकार संत भी श्रावक में धर्म का बीज बोता है, उसके चरित्र का निर्माण करता है और धर्म आदेश देकर उसकी रक्षा करता है। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रश्न मंच का आयोजन किया। विधान में अंजना जैन, नरोत्तमलाल जैन, तरुण, कनिका, अर्णव जैन, उमेश जैन, ममता जैन...