बुलंदशहर, जनवरी 27 -- जिले में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर समावेशी शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों की एक ऐसी ऐतिहासिक मिसाल पेश की गई। डीएम श्रुति मार्ग दर्शन में आयोजित नकल-लेखन अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों से आए 77 छात्रों ने लगातार 77 घंटों तक भारत के मूल संविधान को लिखकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। 26 जनवरी को डीएम ने इसका समापन किया और छात्रों के साथ बैठ कर इस अभियान में हिस्सा लेकर उन्हें संविधान के बारे में बताया। बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडे्य ने बताया कि 23 जनवरी को इस अभियान को शुरू किया गया था और इसमें बेसिक और मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए जिस धैर्य और एकाग्रता के साथ संविधान लेखन किया, वह समाज के लिए प्रेरणा बन गया। उन्होंने बताया क...