नई दिल्ली। आशीष सिंह, अगस्त 16 -- दिल्ली में पत्तेशाह दरगाह परिसर में बने लगभग 50 साल पुराने ढांचे का एक हिस्सा शुक्रवार दोपहर अचानक ढह गया, जिसमें कई लोग बाल-बाल बचे। हादसा उस समय हुआ जब मन्नतें मांगने और ताबीज लेने आए दर्जनों अनुयायी मौलवी के पास मौजूद थे। हजरत शम्सुद्दीन आतादुल्लाह उर्फ पत्तेशाह की यह दरगाह करीब 700 साल पुरानी मानी जाती है। इसका नाम एक मान्यता से जुड़ा है। मजार के पास लगे पेड़ का एक पत्ता खाने से मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से अनुयायी पहुंचते हैं। यह दरगाह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है, जहां सभी धर्मों के लोग अपनी इच्छाएं पूरी करने आते हैं। दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के नजदीक और हुमायूं के मकबरे के बिल्कुल पास स्थित है। प्रवेश द्वार हरे रंग का है और उस पर संगमरमर की पट्...
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