लखनऊ, दिसम्बर 29 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को कोडीनयुक्त कफ सिरप एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के मामले में बड़ी सफलता मिली है। तीन माह पहले इस अभियान को शुरू करने से पूर्व झारखंड, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड में विवेचना की गई। सुपर स्टॉकिस्ट के साथ होलसेलर के कारोबारी रिश्तों के सबूत जुटाए गए। इसके बाद प्रदेश में क्रैक डाउन शुरू हुआ, जिसने सिरप के अवैध डायवर्जन की परतें उधेड़ दीं। 700 करोड़ से अधिक की संदिग्ध आपूर्ति जांच के घेरे में है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिरप का नशे के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस और बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। खास बात यह है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाने को सही ठहराते हुए 22 मामलों में आरोपियों की रिट याचिका...