दमोह, अप्रैल 7 -- खुद को 'डॉ. जॉन कैम' बताने वाले नरेंद्र विक्रमादित्य यादव पर मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। दमोह जिले में एक मिशनरी अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) के रूप में काम कर रहे विक्रमादित्य पर आरोप है कि फर्जी डिग्री के सहारे डॉक्टर बनकर उन्होंने लोगों की सर्जरी की और 7 मरीजों की मौत हो गई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। सीएसपी दमोह अभिषेक तिवारी ने कहा कि थाना कोतवाली में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनकर इलाज करने का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ ने शिकायत की थी कि डॉ. नरेंद्र जॉन कैम फर्जी तरीके से एजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कर रहे थे। डॉ. जॉन कैम के दस्तावेज संदेहास्पद पाए गए हैं। इससे पहले...
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