नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- महिला विश्व कप में भारतीय महिलाओं ने इतिहास रच दिया है। जो अब तक नहीं हुआ, वो कर दिखाया। जो असंभव सा लगता था, उसे संभव कर दिखाया। 7 बार की वर्ल्ड चैंपियन, वर्ल्ड कप में पिछले 15 मैचों से अजेय रही ऑस्ट्रेलिया का विजयरथ रोक दिया। वर्ल्ड कप नॉकआउट का सबसे बड़ा टारगेट भेद दिया। महिला वनडे के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज कर दिखाया। अगस्त में विश्व कप की ट्रॉफी के अनावरण समारोह में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस बार मिथक तोड़ने की हुंकार भरी थी। आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म करने का इरादा जताया था। मिथक तोड़ने के लिए बस अब एक आखिरी दरवाजे का टूटना बाकी है। 2 नवंबर को महिला विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वो आखिरी दरवाजा भी टूटेगा, हमारी छोरियों ने वो उम्मीद जगा दी है। 30 अक्टूबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल...
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