हजारीबाग, मई 9 -- बरकट्ठा प्रतिनिधि। गर्मी शुरू हो गयी है और पानी के मारामारी शुरू हो गयी है। प्रखंड मुख्यालय से तुईओ पंचायत करीब 15 किमी दूर है। यहां आदिवासी गांव ऐसा है जो सालों भर पानी की कमी से जूझता रहता है। इस गांव का नाम बगबंधवा है। यहां करीब 55 घर हैं। लगभग पांच सौ की आबादी है। गांव जंगल के बीच बसा हुआ है। झारखंड अलग होने के 25 साल बाद भी आज भी विकास से कोसों दूर है। भीषण गर्मी में एक बाल्टी पानी के लिए ग्रामीण परेशान है। गांव में दो कुआं है। वह भी सूखने की स्थिति में आ चुका है। दो सरकारी चापाकल है। लेकिन वह भी वर्षों से खराब होकर बंद पड़ा हुआ है। गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में डीप बोरिंग है। लेकिन वह भी आंगनबाड़ी भवन के भीतर बंद रहता है। इससे ग्रामीणों को गर्मी में भी उसका पानी नहीं मिल पाता है। लोग मुश्किल से कुआं का गंदा पानी...
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