अमरोहा, अप्रैल 10 -- अमरोहा मेहमानों की मौजूदगी में मंडप से दुल्हन को लेजाकर नाबालिग बताकर बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। परिजनों ने दुल्हन के बालिग होने के सुबूत संग बदनामी होने का हवाला देते हुए मिन्नतें कीं लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने उनकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि 50 हजार रुपये की रिश्वत देने से इनकार करने पर शादी रुकवा दी। इससे आहत किसान ने अदालत की शरण ली। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने जिला प्रोबेशन अधिकारी के अलावा सात कर्मियों को जांच के आदेश दिए हैं। प्रकरण में डीएम को पांच मई तक अदालत में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। यहां पर एक किसान का परिवार रहता है। बीती पांच मार्च को गांव में किसान की बहन की शादी थी। मेहमान खाना खा रहे थे, बारात...
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