देवरिया, मई 30 -- देवरिया, निज संवाददाता। सदर तहसील से गायब टैबलेट का मामला अब और तूल पकड़ने लगा है। नायब नाजिर समेत तीन को जेल भेजने के बाद पुलिस की विवेचना तेज हो गई है। उधर गायब टैबलेट की कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। अगर जल्द टैबलेट बरामद नहीं होते हैं तो संबंधित कर्मचारियों से ही वसूली की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना से छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए टैबलेट दिया जाता है। सदर तहसील के महाविद्यालयों के छात्रों को टैबलेट वितरण करने के लिए वहां टैबलेट दिया गया था। जहां से 330 टैबलेट गायब हो गए। इस मामले में जांच में प्रथम दृष्टया दोषी नायब नाजिर राकेश श्रीवास्तव पाए गए। उनके विरुद्ध गबन का केस दर्ज कराया गया है। इस मामले में नायब नाजिर के अलावा शहर के अबूबकर नगर निवासी कैश व रुद...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.