गिरडीह, सितम्बर 23 -- बगोदर। प्राणियों में मनुष्य को विवेकशील कहा गया है, क्योंकि वह अपने विवेक से असंभव कार्य को भी संभव कर दिखाता है। ऐसा ही एक मामला बगोदर प्रखंड के पोखरिया में देखने को मिला है। जहां सिर्फ विवेक का इस्तेमाल कर हजारों हाइवा मिट्टी और डस्ट डालकर गड्ढ़ेनुमा 6 एकड़ भूमि को समतल कर खेल मैदान में बदल दिया गया है। गड्ढ़ा नुमा 6 एकड़ भूमि में मिट्टी और डस्ट भरकर समतल करने में 50 लाख रुपए संभावित खर्च होने का अनुमान है लेकिन विवेक लगाने के कारण चंद रुपए में मैदान बनकर तैयार हो गया है। गड्ढ़ा नुमा भूमि को खेल मैदान के रूप में परिणत करने में मुखिया प्रदीप महतो का अहम रोल रहा है। इस कार्य में उन्हें गांव के अन्य गणमान्य लोगों का भी सहयोग मिला है। तालाब की गहराई से जुड़ी है खेल मैदान की कहानी दरअसल, बगोदर के तत्कालीन विधायक विनोद क...
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