मधुबनी, जनवरी 7 -- हरलाखी,एक संवाददाता। जलवायु परिवर्तन से हमारे आसपास के वातावरण इस इस कदर प्रभावित हो रहे हैं कि जलसंकट जैसे हालात बन गए हैं। जिले के नेपाल बोर्डर के इलाके से सटे जटही-पिपरौन बॉर्डर पर बहने वाली जमुनी नदी और हरिने बॉर्डर पर बहने वाली बेलनौती नदी के सूख जाने से पशु-पक्षी व किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। सीमा पर जयनगर से लेकर मधवापुर तक 50 किलोमीटर के दायरे में करीब 6 हज़ार हेक्टेयर में किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। पानी नहीं होने से घास व पेड़-पौधे झुलस रहे हैं। पशु-पक्षियों के भोजन पर भी संकट मंडराने लगा है। पानी की कमी के कारण पशुओं का चारा नहीं मिल रहा है। बॉर्डर इलाकों में दूर दूर तक पानी नजर नहीं आ रहा है। किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए नदियों का पानी का मिलना मुश्किल हो गया है। पानी के अभाव के कारण किसानों क...
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