उन्नाव, अगस्त 17 -- उन्नाव। गांव वालों की सहूलियत के लिए बनाए गए पंचायत भवन सुविधा के नाम पर बेकाम साबित हो रहे है। जिले की 1037 ग्राम पंचायतों में 491 में बने मिनी सचिवालयों में आलम यह है कि इस वित्तीय वर्ष में आय, जाति व जन्म-मृत्यु का एक भी प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। साल 2022-23 में हर ग्राम पंचायत में पांच से आठ लाख की लागत से मिनी सचिवालयों का निर्माण कराया गया था। छह हजार रुपये के मानदेय पर एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई थी। हालांकि पंचायत सहायक अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। न तो वह समय से कार्यालय पहुंचते है और ना ही वहां के कामों केा लेकर उनकी कोई दिलचस्पी बताई जा रही है। अपने काम के प्रति वह कितने लापरवाह है इसका प्रमाण भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है 491 मिनी सचिवालय है जहां पर कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किय...
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