मधुबनी, जनवरी 22 -- मधुबनी,विधि संवाददाता। अपनी ही जमीन से बेदखल किए गए राजेन्द्र यादव को आखिरकार 45 साल बाद न्याय मिला। मुंसिफ टू कोर्ट के न्यायाधीश प्रतीक रंजन चौरसिया के आदेश पर खजौली अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष ने सिविल कोर्ट के नाजिर दुर्गानंद झा एवं अन्य कोर्ट कर्मियों की मौजूदगी में दखल दिलाया। दखल दिलाने से संबंधित रिपोर्ट बुधवार को पीके चौरसिया के न्यायालय में दाखिल किया गया। अधिवक्ता महेश्वर प्रसाद यादव ने बताया कि राजेंद्र यादव की एक कट्ठा 16 धूर जमीन कब्जा कर लिया था। उन्होंने गांव के ही लक्ष्मी नारायण यादव के खिलाफ हकियत वाद दायर किया था। 1981 में उन्हें जमीन का वास्तविक स्वामी होने का डिग्री मिला। इसके बावजूद विपक्षी जमीन खाली नहीं किया। इसके बाद राजेन्द्र यादव ने 1985 में टाइटल इजराय वाद दायर किया था। जमीन पर कब्जा मिलने के...