कन्नौज, जनवरी 15 -- छिबरामऊ, संवाददाता। फतेहगढ़ के फूस बंगले में वर्ष 1990 में लगी भीषण आग से 35 ग्रामों के महत्वपूर्ण भू-अभिलेख जलकर नष्ट हो गए थे। इस घटना के कारण इन गांवों के किसान 36 सालों से भूमि संबंधी दस्तावेजों से वंचित रहे। वे केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि का लाभ नहीं ले पा रहे थे। जिलाधिकारी आशुतोषमोहन अग्निहोत्री के नेतृत्व, सतत निगरानी और प्रशासनिक समन्वय के प्रयासों से अब इस लंबित समस्या में ठोस प्रगति हुई है। छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम उस्मानपुर, नंदलालपुर, करनौली, कटिघरा एवं सरदामई के जले हुए भू-अभिलेखों को पूरी तरह दुरुस्त कर विधिवत तैयार किया गया है। इन गांवों के किसानों को उनकी खतौनियां सौंप दी गई हैं, जिससे उनके लिए विकास का मार्ग प्रशस्त...
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