गिरडीह, अगस्त 5 -- संदीप वर्मा गिरिडीह, प्रतिनिधि। पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का गिरिडीह जिले से गहरा नाता रहा है। समाज में व्याप्त महाजनी प्रथा और शराब के प्रचलन जैसी कुरीतियों से निजात दिलाने को लेकर समाज को जागरूक करने का शिबू सोरेन का अभियान का गवाह गिरिडीह भी रहा है। गिरिडीह में ही सबसे पहले शिबू सोरेन दोहरे हत्याकांड में फंसे थे। 36 सालों बाद कुड़को हत्याकांड में सबूतों के अभाव में तत्कालीन अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सह 9वीं फास्ट ट्रैक मोहम्मद कासिम ने 15 जून 2010 को उन्हें बरी कर दिया था। इसी मामले में मुख्यमंत्री रहते शिबू सोरेन नवगठित झारखण्ड विधानसभा के पहले दिन चार जनवरी 2010 को गिरिडीह के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आकर हाजिरी लगाई थी। क्या था मामला: गौरतलब है कि 15 अप्रैल 1974 में कुड़को निवासी बहादुर सिंह न...
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