घाटशिला, सितम्बर 11 -- बहरागोड़ा, संवाददाता। दुर्गा पूजा भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस दौरान देवी दुर्गा की धूमधाम एवं हर्षोल्लास से पूजा होती है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत पूरे देश में इसकी रौनक देखने को मिलती है। पंडाल बनाने का काम आमतौर पर पूजा से कुछ महीने पहले ही शुरू हो गई है। कुशल कारीगर और कलाकार बांस, लकड़ी, कपड़े और अन्य सजावटी सामग्री का इस्तेमाल कर भव्य पंडाल बनाने का काम कर रहे हैं। हर साल पंडालों की थीम अलग-अलग होती है, जो सामाजिक या सांस्कृतिक संदेश देती है। दुर्गा पूजा के पंडाल सिर्फ पूजा स्थल नहीं बल्कि कला और रचनात्मकता का केंद्र बन जाते हैं। ये कारीगरों और कलाकारों की मेहनत और लगन का प्रतीक हैं। सप्तमी व नवमी के दिन होता है सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन बहरागोड़ा त्रिवेणी संगम होने के कारण धूमधाम से दुर्ग...
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